महिलाओं के प्रति समाज की मानसिकता बदलना ज़रूरी – सत्य पाल जैन

चंडीगढ,19 मार्च, 2019. चण्डीगढ़ के पूर्व सांसद, भारत सरकार के अपर महासलिसिटर एवं भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य श्री सत्य पाल जैन ने कहा है कि समाज में महिलाओं के प्रति हो रही ज्यादतियां और अत्याचारों को रोकने के लिये समाज की मानसिकता को बदलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तब तक उन्नति नहीं कर सकता जब तक उस समाज की महिलाओं को समाज में सम्मान की निगाह से नहीं देखा जाता तथा उन्हें हर तरह के शोषन और अत्याचारों से मुक्त नहीं रखा जाता।

         श्री जैन आज उनके द्वारा हाल ही में गठित समिति ‘पीड़ित महिलाओं की सहायता समिति’की पहली बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। इस बैठक में, औरों के अतिरिक्त, श्रीमति अनामिका वालिया, श्रीमति रमा मथारू, श्रीमति चरण कमल कौर, श्रीमति रेणु रिषी गौतम, श्रीमति पूनम ठाकुर, मोहतरमा नजमा खान, डॉ. शिप्रा बंसल ने भी भाग लिया।

         श्री जैन ने कहा कि इस समिति के बनने के बाद कुछ ही दिनों में 5 केस उनके पास आये हैं जिन्हें मुफ्त कानूनी सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक, दाज-दहेज के लिये बहुओं को घर से निकालना, मारना, जलाना आदि किसी भी सभ्य समाज पर एक कलंक है तथा जिस समाज में यह कुरितियां रहेगी वह समाज अपनी उच्चतम स्थिति को छू नहीं पायेगा।      समिति की अध्यक्ष श्रीमति अनामिका वालिया ने कहा कि इस समिति का विस्तार शहर के हर सैक्टर से किया जायेगा, ताकि महिलाओं की इस प्रकार की समस्याओं का जमीनी स्तर पर ही निपटारा हो सके। उन्होंने कहा कि यह समिति पूर्णतया गैर राजनैतिक है तथा इसका एकमात्र उदेष्य समाज में पीड़ित महिलाओं, चाहे वे किसी भी धर्म या जाति की हों, उनके उत्थान के लिये कार्य करना है।