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Oct 30 2013

ग़रीब लोगों को तंग करना बन्द करे सरकार – सत्य पाल जैन

चण्डीगढ़ 30 अक्तूबर, 2013. चण्डीगढ़ के पूर्व सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी की कानूनी एवं चुनाव आयोग सम्बन्धी राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष श्री सत्य पाल जैन ने चण्डीगढ़ नगरनिगम तथा चण्डीगढ़ प्रषासन के अधिकारियों से आग्रह किया है कि वह अतिक्रम हटाने के नाम पर ग़रीब लोगों जैसे मोटर मकैनिक, फुटपाथ वर्करज़, रेहड़ी-फ़डी, सड़क किनारे चाय, पान, बीड़ी, हज़ामत, सब्जी आदि बेचने वाले ग़रीब लोगों की बेवज़ह तंग न करे तथा इतनी कमरतोड़ मंहगाई के दौर में इन ग़रीब लोगों को उजाड़ कर तथा इन्हें भारी जुर्माने करके इन की रोटी रोज़ी न छीने।

Satya Pal Jain coming out of the office of Commissioner MC Chandigarh after submitting a memorandum regarding motor machines and footpath workers    श्री जेन ने आज मोटर मार्केट मनीमाजरा के मकैनिकों एवं शहर के अन्य फुटपाथ वर्करज़ के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ चण्डीगढ़ नगर निगम के आयुक्त श्री विवेक प्रताप से मुलाकात की तथा उन्हें इस सम्बन्ध में एक ज्ञापन भी दिया।  इस अवसर पर भाजपा पार्षद श्री देवेष मोदगिल, मोटर मार्केट, मकैनिक ऐसोषियन मनीमाजरा के प्रधान श्री वघेल सिंह, श्री रणजीत सिंह राणा, लक्ष्मण कुमार, रतन कुमार एवं सुषील कुमार भी उनके साथ थे।

    श्री जैन ने नगरनिगम के अधिकारियों से कहा कि शहर में हजारों लोग इसलिये सड़क या मार्केट के किनारे बैठ कर सारादिन काम करके अपनी रोजी रोटी कमाते है, क्योंकि सरकार उन्हें रोजगार नहीं दे पाई है।  उन्होनें कहा कि प्रषासन तथा नगरनिगम के अधिकारी जब इन लोगों का सामान उठा कर ले जाते है, उसे कई दिन तक छोड़ते नहीं तथा उन पर भारी जुर्माना लगाते हैं तो इससे ग़रीब के मुंह का निवाला भी छिन जाता है। और इतनी कमरतोड़ मंहगाई में परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच जाता है।

    श्री जैन एवं श्री देवेष मोदगिल ने कहा कि यदि सरकार सब ग़रीब लोगों को रोजगार नहीं दे पाती है तो उसे यह अधिकार भी नहीं होना चाहिये कि वह उन लोगों का रोजगार ही छीन ले जो कड़ी मेहनत करके अपना तथा अपने परिवार का पेट पालते है। उन्होनें मांग की प्रषासन एवं नगर निगम इन ग़रीब लोगों के सम्बन्ध में अति नरम रवैय्या अपनाये तथा इन सभी ग़रीब लोगों को पहचान पत्र जारी करके इनके काम करने की जगह से उन्हें हटाया ना जाये तथा सरकार इनके पुर्नवास के सम्बन्ध में एक निष्चित नीति बनाये।

    नगरनिगम आयुक्त ने प्रतिनिधि मण्डल को आष्वाषन दिया कि वे उनकी मांगों पर महानुभूति पूर्वक विचार करेगें।